नई दिल्ली। अयोध्या राम मंदिर निर्माण के लिए जुटाए गए चढ़ावे और चंदे के कथित गबन मामले में सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को नई विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित करने का निर्देश दिया है। सोमवार को मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि जांच निष्पक्ष और प्रभावी तरीके से होनी चाहिए तथा इस मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए।
सुनवाई के दौरान सीजेआई सूर्यकांत ने स्पष्ट कहा कि अदालतें राजनीति करने का मंच नहीं हैं। उन्होंने कहा कि यह केवल इस बात की जांच का मामला है कि कोई अपराध हुआ है या नहीं, और अदालत का उद्देश्य केवल निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करना है।
मामले में दायर जनहित याचिकाओं में राम मंदिर निर्माण के लिए एकत्रित धन के कथित दुरुपयोग की सीबीआई जांच की मांग की गई है। वर्तमान में इस मामले की जांच उत्तर प्रदेश पुलिस कर रही है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि नई एसआईटी का गठन किसी वरिष्ठ विशेषज्ञ आईपीएस अधिकारी के नेतृत्व में किया जाए ताकि जांच निर्णायक निष्कर्ष तक पहुंच सके।
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि पहले गठित एसआईटी ने केवल यह पाया था कि मामला संज्ञेय अपराध का बनता है, जिसके बाद पुलिस जांच शुरू हुई। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार से वरिष्ठ अधिकारी का नाम सुझाने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 27 जुलाई को होगी।

