लापरवाही के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम करते हुए साय सरकार ने तहसीलदार को निलंबित कर दिया. निलंबित तहसीलदार प्रमोद कुमार चंद्रवंशी पर आरोप है कि उसने कोर्ट के कामों में लापरवाही बरती. शासन की ओर से कराए गए जांच में ये भी ये साफ हो गया कि तहसीलदार प्रमोद कुमार चंद्रवंशी लापरवाही बरतने के मामले में दोषी हैं.
तहसीलदार प्रमोद कुमार चंद्रवंशी निलंबित
तहसीलदार के खिलाफ यह कार्रवाई सीएम हेल्पलाइन 1076 पर दर्ज कराई गई शिकायत के बाद हुई. राजस्व विभाग से संबंधित मामलों की समीक्षा के दौरान तहसीलदार के खिलाफ गंभीर लापरवाही बरते जाने की बात सामने आई थी. जिसके बाद निलंबन की कार्रवाई की गई. राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग, नवा रायपुर अटल नगर से शुक्रवार को निलंबन आदेश जारी किया गया.
पिपरिया तहसील में पदस्थ थे तहसीलदार
शासन की ओर से जारी आदेश के अनुसार, तहसीलदार प्रमोद कुमार चंद्रवंशी कबीरधाम जिले की पिपरिया तहसील में पदस्थ रहे. चंद्रवंशी पर आरोप है कि शिकायतों के निराकरण में गंभीर लापरवाही और स्वेच्छाचारिता उन्होने बरती, जिसकी शिकायत सीएम हेल्प लाइन पर हुई. प्रकरणों की जांच में तहसीलदार को दोषी पाया गया. जिसके बाद शासन ने उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की.
छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965
शासन की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि संबंधित तहसीलदार का कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-3 का स्पष्ट उल्लंघन है. इसी आधार पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9(1)(क) के तहत उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है. दरअसल, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों और उनके निराकरण की समीक्षा की गई थी. इस दौरान राजस्व विभाग से संबंधित मामलों में लापरवाही का मुद्दा सामने आया था। इसके बाद संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई की गई.
निलंबन अवधि के दौरान प्रमोद कुमार चंद्रवंशी का मुख्यालय जिला कबीरधाम निर्धारित किया गया है. निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा. कार्रवाई के बाद जिले के राजस्व विभाग में सरकार की ओर से की जा रही कार्रवाई की चर्चा तेज हो गई है. प्रशासनिक कामकाज में लापरवाही और शिकायतों के निराकरण में देरी को लेकर शासन की सख्ती से अधिकारी-कर्मचारियों के बीच हड़कंप की स्थिति है.

