भारतमाला परियोजना में कथित जमीन मुआवजा घोटाले की जांच अब तेजी से धमतरी जिले तक पहुंच गई है. आज सोमवार सुबह प्रवर्तन निदेशालय ED की टीम ने पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर के चचेरे भाई भूपेंद्र चंद्राकर के कुरुद स्थित निवास पर दबिश देकर जांच कार्रवाई शुरू की.
इस कार्रवाई के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है.
मिली जानकारी के अनुसार भूपेंद्र चंद्राकर पर भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत विभिन्न तहसीलों में अपने करीबियों को नियम विरुद्ध तरीके से करोड़ों रुपये का मुआवजा दिलाने का गंभीर आरोप है. बताया जा रहा है कि इस संबंध में कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जांच एजेंसी को उपलब्ध कराए गए थे जिनके आधार पर ED ने यह छापेमार कार्रवाई की है.
सूत्रों के मुताबिक, भूपेंद्र चंद्राकर ने स्वयं अभनपुर के कायाबांधा क्षेत्र में करोड़ों रुपये का मुआवजा हासिल किया है. वहीं दुर्ग तहसील पाटन तहसील राजनांदगांव की देवादा तहसील तथा धमतरी जिले की मगरलोड तहसील में भी उनके करीबी लोगों को संदिग्ध परिस्थितियों में भारी भरकम मुआवजा भुगतान किए जाने की बात सामने आई है.
आज सोमवार सुबह ED की टीम सुरक्षा बल के साथ भूपेंद्र चंद्राकर के घर पहुंची और दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी. घर के बाहर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है तथा किसी भी बाहरी व्यक्ति के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है. जांच एजेंसी बैंक लेन देन जमीन अधिग्रहण से जुड़े रिकॉर्ड मुआवजा स्वीकृति फाइलों और लाभार्थियों के संबंधों की पड़ताल कर रही है.
बताया जा रहा है कि भारतमाला परियोजना में जमीन अधिग्रहण के दौरान फर्जीवाड़ा प्रभाव का इस्तेमाल और मुआवजा वितरण में अनियमितता की शिकायतें लंबे समय से सामने आ रही थीं.
अब ED की इस कार्रवाई ने मामले को नया मोड़ दे दिया है. माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस जांच की जद में कई और बड़े नाम भी आ सकते हैं.
फिलहाल ED की कार्रवाई जारी है और आधिकारिक तौर पर एजेंसी की ओर से विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है लेकिन इस दबिश ने छत्तीसगढ़ की सियासत में हलचल जरूर बढ़ा दी है.

