रायपुर। छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। एम्स रायपुर और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT) रायपुर ने स्वास्थ्य सेवाओं में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित समाधान विकसित करने के लिए समझौता किया है। इस पहल का उद्देश्य मरीजों को बेहतर, तेज और अधिक प्रभावी इलाज उपलब्ध कराना है।
समझौते के तहत दोनों संस्थान मिलकर ऐसे AI सिस्टम विकसित करेंगे, जो डॉक्टरों को बीमारी की पहचान, उपचार संबंधी निर्णय लेने और मरीजों की स्वास्थ्य निगरानी में सहायता प्रदान करेंगे। AI मरीजों के स्वास्थ्य डेटा का विश्लेषण कर संभावित बीमारियों की पहचान में मदद करेगा, जिससे गंभीर रोगों का पता शुरुआती चरण में लगाया जा सकेगा।
इसके अलावा AI आधारित क्लिनिकल डिसीजन सपोर्ट सिस्टम डॉक्टरों को मरीज की रिपोर्ट, मेडिकल हिस्ट्री और अन्य स्वास्थ्य जानकारियों का विश्लेषण कर उपचार संबंधी बेहतर निर्णय लेने में सहयोग करेगा। विशेष रूप से जटिल और गंभीर मामलों में यह तकनीक डॉक्टरों के लिए उपयोगी साबित होगी।
AI का उपयोग मरीजों के स्वास्थ्य जोखिमों का पूर्वानुमान लगाने और उनकी लगातार निगरानी करने में भी किया जाएगा। वहीं अस्पताल प्रबंधन, संसाधनों के बेहतर उपयोग और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी बनाने के लिए भी AI तकनीक का इस्तेमाल होगा।
इस साझेदारी में एम्स रायपुर स्वास्थ्य क्षेत्र की वास्तविक जरूरतों और चुनौतियों की पहचान करेगा, जबकि NIT रायपुर का AI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस उनके लिए तकनीकी समाधान विकसित करेगा। साथ ही विद्यार्थियों को इंटर्नशिप, हैकाथॉन और शोध परियोजनाओं के माध्यम से नए अवसर भी मिलेंगे।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह पहल स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीक के बढ़ते उपयोग की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, जिससे भविष्य में मरीजों को अधिक सटीक, तेज और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएं मिल सकेंगी।

