न्यू जर्सी के मेटलाइफ स्टेडियम में खेले गए फीफा वर्ल्ड कप 2026 के रोमांचक फाइनल में स्पेन ने अर्जेंटीना को एक्स्ट्रा टाइम में 1-0 से हराकर दूसरी बार विश्व चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया।
मुकाबले का एकमात्र और निर्णायक गोल सब्स्टीट्यूट फेरान टोरेस ने एक्स्ट्रा टाइम के दूसरे हाफ में दागा, जिसने स्पेन को ऐतिहासिक जीत दिला दी।
पूरे मैच में स्पेन ने गेंद पर शानदार नियंत्रण बनाए रखा और लगातार अर्जेंटीना के गोल पर दबाव बनाया। हालांकि अर्जेंटीना के गोलकीपर एमिलियानो मार्टिनेज ने कई बेहतरीन बचाव कर टीम को लंबे समय तक मुकाबले में बनाए रखा। निर्धारित 90 मिनट तक दोनों टीमें गोल नहीं कर सकीं और स्कोर 0-0 रहा।
मैच का सबसे बड़ा मोड़ स्टॉपेज टाइम में आया, जब अर्जेंटीना के मिडफील्डर एंजो फर्नांडीज को पाउ कुबारसी पर खतरनाक टैकल के लिए दूसरा पीला कार्ड दिखाया गया।
इसके बाद अर्जेंटीना को 10 खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ा, जिसका फायदा स्पेन ने एक्स्ट्रा टाइम में उठाया।
एक्स्ट्रा टाइम के दूसरे हाफ में निको विलियम्स के शानदार पास पर फेरान टोरेस ने सटीक फिनिश करते हुए गेंद को जाल में पहुंचा दिया। यही गोल विश्व कप फाइनल का फैसला करने वाला साबित हुआ।
कोच लुइस डे ला फुएंते की अगुआई में स्पेन ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया और अपने अनुशासित तथा पजेशन-आधारित फुटबॉल से सभी प्रतिद्वंद्वियों को पछाड़ते हुए ट्रॉफी अपने नाम कर ली।
वहीं लियोनेल मेस्सी की कप्तानी वाली अर्जेंटीना ने भी पूरे टूर्नामेंट में दमदार खेल दिखाया, लेकिन फाइनल में रेड कार्ड और स्पेन के आक्रामक दबाव के सामने वह अपना खिताब बचाने में नाकाम रही।

